Saturday, December 10, 2022
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Chess rules in hindi | शतरंज खेल के नियम

Chess rules in hindi chess game rules in hindiशतरंज का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा तो इसी शतरंज खेल का अंग्रेजी नाम चैस होता है। शतरंज का खेल (chess game) सबसे रोचक और मानसिक चेतना को मजबूत करने वाला खेल है। 

शतरंज एक मनोरंजक खेल है, जिसे 2 लोगों के द्वारा इस खेल को खेला जाता है,सबसे पहले आपको यह जान लेना जरूरी है कि शतरंज कहते किसे है।  दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाने वाला यह एक बौद्धिक एवं मनोरंजनात्मक खेल है.

जिसे 64 काले और सफेद वर्गों के साथ एक बोर्ड पर खेला जाता है।  जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 16 टुकड़े यानी कि 16 मोहरें दी जाती है, और इसे सैद्धांतिक नियमों के तहत खेला जाता है ना कि मन मुताबिक। chess rules in hindi  – 

 

Chess rules in hindi

शतरंज के खेल का इतिहास:- शतरंज खेल काफी पुराना है। माना जाता है कि शतरंज के खेल का आविष्कार भारत में होने के बाद यह पारसी देशों में प्रचलित हुआ, इसके बाद पूरे विश्व में पहुंचा। भारत में शतरंज खेलने की शुरुआत भी पांचवी-छठी शताब्दी के समय से मानी जाती है।

 

जब इस खेल की शुरुआत भारत में हुई थी तब यह पहला खेल था जो दिमाग के इस्तेमाल से खेला जाता था। किंवदंतियों के अनुसार शतरंज का आविष्कार गुप्त काल के समय में हुआ।  

chess ke niyam

वैसे तो महाभारत के प्रसंग में पांडव और कौरव पुत्रों के बीच चौसर का खेल खेला गया था। लेकिन गुप्त काल के राजाओं ने चौसर के खेल में बदलाव की चाह लिए शतरंज के खेल की शुरुआत की थी। शतरंज का आविष्कार कब हुआ था तब उसे इस नाम की बजाए चतुरंग खेल के नाम से जाना जाता था। 

यूरोप और रूस जैसे देशों में शतरंज का खेल 9वीं शताब्दी तक पहुंच चुका था। लगातार शतरंज के खेल का प्रसार होता गया और आज लगभग सभी देशों में शतरंज के खेल को अपना लिया गया है।

शतरंज के खेल को अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे-जैसे इस खेल का प्रसार हुआ वैसे वैसे ही इस खेल में कई तब्दीलियां आए कई नियम बदले गए तो कुछ देशों ने इस खेल के नाम को भी बदलने में रुचि दिखाई। पुर्तगाल में इस शतरंज के खेल को जादरेज का नाम दिया गया है। वहीं स्पेन में शतरंज को एजेडरेज कहा जाता है।

शतरंज के खेल में काले और सफेद खानों से मिलकर एक बोर्ड बना होता है, जिसमें कुल 64 खाने होते हैं। जिसमें 32 खाने सफेद रंग के और 32 खाने काले रंग के होते हैं। शतरंज के खेल में 2 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं दोनों खिलाड़ियों के पास राजा, वजीर, दो हाथी, दो घोड़े, दो ऊंट और आठ सैनिक भी होते हैं।

chess ke niyam के अनुसार सफेद खाने का खिलाड़ी ही खेल की शुरुआत करता है। 

इस खेल में समय की कोई भी सीमा नहीं होती है। इंडिया चेस फाउंडेशन के द्वारा वर्तमान में शतरंज के खेल का नियंत्रण व प्रतियोगिताओं को आयोजित किया जाता है, जिसकी स्थापना सन् 1951 में की गई। वैश्विक स्तर पर शतरंज के खेल का नियंत्रण इंटरनेशनल चेस फाउंडेशन के द्वारा किया जाता है। इस खेल को खेलने में जो व्यक्ति मास्टर होता है उसे ग्रैंड मास्टर की उपाधि दी जाती है।

 

  Chess game rules in hindi  

कैसलिंग – यह एक स्पेशल रूल है. इसमें 2 चीज आप एक साथ कर सकते है, एक राजा को बचा सकते है, साथ ही हाथी को कार्नर से हटा कर बीच खेल में ला सकते है. इसमें खिलाड़ी अपने राजा को एक वर्ग की जगह 2 वर्ग चला सकता है, साथ ही हाथी को राजा के बाजु में रख सकते है. कैसलिंग के लिए ये बातें होना जरुरी है – how to play chess in hindi

कैसलिंग राजा द्वारा एक ही बार कर सकते है। 

राजा की ये पहली चाल होनी चाहिए। 

हाथी की ये पहली चाल होनी चाहिए। 

राजा और हाथी के बीच को भी गोटी नहीं होनी चहिये। 

राजा के उपर शह या मात नहीं होना चाहिए। 

 

शह और मात – जब राजा पर सब तरफ से शह हो जाती है, और राजा उससे नहीं बच पाता है, उसे शह और मात कहते है. शह और मात से निकलने के तरीके –

उस जगह से राजा हट जाये

चेक के बीच में दूसरी गोटी ले आयें

उस गोटी को मार दें

अगर राजा शह और मात से नहीं बच पाता तो वहीँ गेम ख़त्म हो जाता है.

 

टाई (ड्रा) – अगर खेल में कोई विजेता नहीं निकल पाता है, तो उस स्थिती में खेल ड्रा हो जाता है. डॉ होने के पांच कारण हो सकते है –

दोनों खिलाड़ी राजी हो जाएँ और खेल बंद कर दें

अगर बोर्ड में शह और मात के लिए गोटी ही न बची हो

कोई खिलाड़ी उस स्थिती में ड्रा बोल सकता है, जब लगातार तीन बार एक सी स्थिती बन जाती है.

अगर कोई खिलाड़ी चल चलता है, लेकिन उसके राजा को शह और मात नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उसके पास कोई और चाल चलने के लिए जगह नहीं है.

चेस के रुल पता होने बावजूद ये खेल हर किसी को नहीं बनता है. यह खेल, खेलने के अभ्यास ये किसी को खेलते हुए देखकर आता है. शतरंज का खेल अब मोबाइल, कंप्यूटर में भी उपलब्ध है, जहाँ पर खेल को सीखा भी जा सकता है.)–

 

 Chess khelne ke niyam – शतरंज खेल की शुरुवात 

how to play chess in hindi

chess rules in hindi – खेल की शुरुवात में सभी गोटियों को चेसबोर्ड में जमाया जाता है. इन गोटियों की सेटिंग हर बार खेल में एक जैसी ही होती है, इसमें कोई फेरबदल नहीं होता है. 

एक खिलाड़ी सफ़ेद गोटी लेता है, दूसरा काली. चेसबोर्ड ज़माने के लिए हाथियों को दोनों कोने में रखते है, फिर उसके बाजु वाले दोनों कोने में घोड़े रखते है, फिर उसके बाजु में दोनों साइड ऊँठ रखते है. फिर लेफ्ट साइड राजा और राईट साइड रानी रखते है. इनके सामने की लाइन में 8 प्यादे रखते है. जो भी सफ़ेद गोटी लेता है, वो पहले चलता है। 

 

प्यादा     प्यादा     प्यादा    प्यादा   प्यादा  प्यादा  प्यादा   प्यादा

हाथी      घोड़ा     ऊँठ       राजा    रानी    ऊँठ   घोड़ा   हाथी

 

chess ke niyam

शतरंज के खेल में मोहरों की चाल चलने के लिए नियम 
 
इस खेल में उपयोग होने वाली सभी मोहरों की चालें अलग – अलग होती हैं. इसके नियम इस प्रकार हैं – 
 
राजा – अगर देखा जाए तो आमतौर पर राजा को हमेशा रानी से ताकतवर और महत्वपूर्ण माना जाता है लेकिन शतरंज के खेल में राजा थोड़ा कमजोर होता है. यानी कि राजा केवल अपनी दिशा में एक वर्ग को बढ़ सकता है. 
 
इसके अलावा राजा कभी भी अन्य दिशा में आगे नहीं बढ़ सकता जैसे कि ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं. ऐसे में अगर राजा पर किसी दूसरी मोहर द्वारा हमला किया जाता है, तो उसे चेक कहते हैं इस प्रकार आप राजा मोहर को चल सकते हैं.
 
रानी – शतरंज के मैदान में सबसे महत्वपूर्ण मोहर होती है रानी क्योंकि वह किसी भी दिशा में सीधे आगे बढ़ सकती हैं आगे पीछे ऊपर नीचे दाएं बाएं सभी दिशाओं में. 
 
इसके अलावा सफेद रानी हमेशा काली रानी को कैद कर दी हैं और फिर काले राजा को अपनी जगह बदलने के लिए मजबूर करती हैं. 
 
रानी द्वारा अगर सामने वाले खिलाड़ी के किसी भी मोहर पर हमला किया जाता है तो सामने वाली मोहर के सभी कदम खत्म हो जाते हैं और उसे मैदान से बाहर कर दिया जाता है.
 
 ऊंट – ऊंट की हमेशा शतरंज के खेल में तिरछी चाल होती है यानी कि वह ना ही सीधे आगे जा सकती और ना ही सीधे पीछे वह हमेशा तिरछी लाइन में अपनी चाल चलती हैं. बिशप को भी आप हमेशा साथ में रखें क्योंकि साथ में रहने पर यह एक दूसरे को कवर करते है.
 
हाथी – शतरंज के खेल में सबसे शक्तिशाली मोहर होती हैं हाथी. यहां अपनी मर्जी मुताबिक जितना चाहे उतनी दूरी तक चल सकती हैं. 
 
एक बात का हमेशा ध्यान रखें हाथी हमेशा साथ में काम करते हैं और जब भी किसी पर हमला करना हो तो हमेशा अपने हाथियों को साथ में रखकर ही अपनी चाल चले.
 
प्यादा – प्यादा हमेशा एक अलग चाल लेकर चलता है और वह हमला किसी सामने वाले प्रतिद्वंदी मोहर पर तिरछी दिशा में करता है. 
 
यानी कि सीधे शब्दों में कहा जाए तो प्यादा चलता सीधा है, लेकिन हमला तिरछा करता है. प्यादे की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह केवल आगे की तरफ मार सकता है ना ही पीछे मार पाएगा और ना ही आगे मार पाएगा. 
 
इसके अलावा अगर प्यादे के जस्ट सामने अगर कोई प्रतिद्वंदी मोहर हैं तो फिर ज्यादा अपनी चाल नहीं चल पाएगा उसे उसी जगह पर रुकना पड़ेगा.
 
घोड़ा – घोड़ा जोकि शतरंज के खेल में सबसे मुश्किल से और काफी सावधानी पूर्वक खेला जाता है. 
 
घोड़े की सभी जान इस प्रकार होनी चाहिए कि दो खाने एक दिशा में सीधा चलने के बाद एक खाना 90 डिग्री के कोण पर बिल्कुल ढाई कदम की तरह होता है. 
 
आप यह जानकर हैरान होंगे कि घोड़ा ही केवल ऐसा अकेला मोहर है जो दूसरे मोहरों के ऊपर से चल सकता है बाकी ऐसे कोई मोहर नहीं है जो ऐसा कर सकती हैं घोड़े के अलावा.
 
 
 शतरंज की सभी मोहरों के अंक –
 
शतरंज की सभी मोहरे अपना अलग-अलग मूल्य लेकर चलती हैं और सभी के निश्चित अंक होते हैं इसी से हार और जीत का निर्णय लिया जाता है. 
 
शतरंज में अगर मूल्यवान मोहर की बात करें तो राजा सबसे मूल्यवान मोहर होती हैं भले ही वह खेल के मैदान में कमजोर साबित हो. इसके अलावा सभी मोहर के अंक नीचे दिए गए हैं –
 
प्यादा – 1 पॉइंट
एक घोडा – 3 पॉइंट
एक ऊँट – 3 पॉइंट
एक हाथी – 5 पॉइंट
एक रानी – 9 पॉइंट
राजा असीम रूप से मूल्यवान होता है। 
 
 

# शतरंज खेल के अन्य फॉर्मेट और chess rules  hindi

 
शतरंज केवल एक ही नहीं है बल्कि इस खेल में भी कई सारे छोटे-छोटे और अपने अलग-अलग नियमों के साथ अपने खेल होते हैं. ज्यादातर लोग निम्न प्रकार के शतरंज के प्रारूप को खेलना पसंद करते हैं. तो चलिए जानते हैं शतरंज के इन खेल प्रारूपों के बारे में –
 
शतरंज 960 डिग्री – शतरंज के इस 960 डिग्री वाले खेल को सबसे ज्यादा खेला जाता है. इसमें सभी मोहरे अपनी प्रारंभिक स्थिति में रखी जाती हैं और इसके बाद वाली सभी मोहरों को यादृच्छिक रूप से अपनी अपनी स्थिति पर रखा जाता है.
 
पहाड़ी का राजा – यह शतरंज में सबसे अनोखा खेल माना जाता है क्योंकि इसमें पूरे खेल में केवल एक ही लक्ष्य रहता है कि इसमें अपने राजा को पहाड़ी से ऊपर ले जाना होता है. जो प्रतिद्वंदी अपने राजा को सबसे पहले पहाड़ी से ऊपर ले जाता है वही इस खेल का विजेता घोषित कर दिया जाता है। 
 
बिग हाउस – शतरंज के इस प्रारूप को हमेशा दो जोड़ों में खेला जाता है ना कि अकेले. यानी कि इसमें एक खिलाड़ी प्रतिद्वंदी से एक मोहर लेता है तो यह मोहर और उसके साथियों को भी मिल जाता है. यह खेल शतरंज में थोड़ा मुश्किल माना जाता है, लेकिन एक बार सीखने के बाद यह काफी आसान लगने लगता है। 
 
क्रेजी हाउस – जैसा कि इस खेल का नाम है क्रेजी हाउस ठीक वैसे ही यह शतरंज का सबसे मजेदार और मनोरंजन वाला प्रारूप माना जाता है. इस खेल को इस प्रकार खेला जाता है कि अगर मैं सामने वाले प्रतिद्वंदी से एक काली मोहर लेता हूं तो वह काली मोहर सफेद मैहर में बदल जाएगी जिसे मैं अपनी मोहर के रूप में चल सकता हूं अपने प्रतिद्वंदी के खिलाफ. इससे दोनों खिलाड़ियों के बीच इस खेल का रोमांच और भी ज्यादा बढ़ जाता है। 
 
चेक – इस प्रारूप में, पहला खिलाड़ी जो प्रतिद्वंद्वी के राजा को तीन बार जांचता है. यानी कि साफ शब्दों में कहा जाए तो अगर आप अपने प्रतिद्वंदी खिलाड़ी के राजा को 3 बार चेक करते हैं तो समझ लीजिये आप इस खेल को जीत चुके हैं। 
 
इस प्रकार इन सभी नियमों को जानने के बाद आप शतरंज के खेल को खेल सकते हैं. इसके अलावा आप एक शतरंज में माहिर खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो सबसे जरूर बात यह है कि आपको ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करना होगा। 
 
आप अपने दोस्तों या फिर सहेली के साथ जितने ज्यादा शतरंज के मैच खेलेंगे उतना ही ज्यादा आपको अनुभव होगा और अनुभव से यह खेल आपको धीरे-धीरे समझ में आने लगेगा. एक समय ऐसा आएगा जब आप इस खेल के माहिर खिलाड़ियों में से एक होंगे। 
 
मुझे उम्मीद है आपको यह जानकारी chess rules in hindi  से कुछ सीखने मिला होगा। आपने हमे इतना समय दिया आपका बहुत धन्यवाद। 
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