Tuesday, August 9, 2022
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panchtantra ki kahaniyan | पंचतंत्र की कहानियाँ

panchtantra ki kahaniyan:- पंचतंत्र की कहानियाँ नीति शास्त्र के ज्ञान को सरलता से पाने के लिए के लिए  पं. विष्णु शर्मा के द्वारा रची गई है। संस्कृत नीतिकथाओं में पंचतंत्र का पहला स्थान है। पंचतंत्र की कहानियों का विश्व की 50 से भी अधिक भाषाओ में अनुवाद प्रकाशित हो चूका है। पंचतंत्र की कहानियों का इतनी भाषाओ में अनुवाद प्रकाशित होना ही इनकी बड़ी  लोकप्रियता का परिचायक है। panchtantra ki kahani in hindi by vishnu sharma

पं. विष्णु शर्मा के द्वारा रची गई पंचतंत्र की कहानियों का इतिहास भी बड़ा ही रोचक है। आज से लगभग दो हजार  साल पहले, पूर्वी भारत के दक्षिणी हिस्से में महिलारोग्य नाम के  नगर में अमरशक्ति नमक राजा आपने राज चलाते  था। अमरशक्ति राजा के तीन पुत्र बहुशक्ति, उग्रशक्ति और अनंतशक्ति थे। लेकिन राजा अमरशक्ति जितने उदार प्रशासक और कुशल नीतिज्ञ थे, उनके तीनों पुत्र उतने ही मुर्ख और अहंकारी थे।

राजा ने उनके तीनों पुत्रों को  व्यवहारिक शिक्षा देने की बहुत कोशिश की, परन्तु किसी भी प्रकार से बात नहीं बनी। हारकर एक दिन राजा ने अपने मंत्रियो से मंत्रणा की। राजा अमरशक्ति के मंत्रिमंडल में कई कुशल, दूरदर्शी और योग्य मंत्री थे, उन्हीं में से एक मंत्री सुमति ने राजा को परामर्श दिया की पंडित विष्णु शर्मा सर्वशास्त्रों के ज्ञाता और एक कुशल ब्राह्मण हैं, यदि राजकुमारों को शिक्षा देने और व्यवहारिक रूप से प्रशिक्षित करने का उत्तरदायित्व पंडित विष्णु शर्मा को सौंपा जाए तो उचित होगा, वे अल्प समय में ही राजकुमारों को शिक्षित करने का सामर्थ रखते हैं। 

मंत्री सुमति की बात सुनकर राजा अमरशक्ति ने पंडित विष्णु शर्मा से अनुरोध किया कि वे उनके पुत्रों को नीतिगत ज्ञान कि शिक्षा दें। ताकि उनके पुत्र भी उन्हीं के सामान उदार प्रशासक और कुशल नीतिज्ञ बन सकें। 

पंडीत विष्णु शर्मा ने राजकुमारों को शिक्षित करने के कार्य को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया।  इस स्वीकृति के साथ ही उन्होंने घोषणा की, कि  में यह असंभव कार्य मात्र छ:महीनो में पूर्ण करूँगा, यदि में ऐसा न कर सका तो महाराज मुझे मृत्युदंड दे सकते हैं।  

पंडित विष्णु शर्मा की यह प्रतिज्ञा सुनकर महाराज अमरशक्ति निश्चिन्त होकर अपने राज – कार्य में व्यस्त हो गए और पंडित विष्णु शर्मा तीनो राजकुमारों को अपने आश्रम में ले आए। लेकिन पंडित विष्णु शर्मा के सामने एक कठिन समस्या थी की राजा के तीनो पुत्रों को एक साथ एक और कम से कम समय में नीतिगत ज्ञान से परिपूर्ण करना था 

इसके लिए पंडित विष्णु शर्मा को कोई नई विधा खोजना था। इस लिए पंडित विष्णु शर्मा ने राजकुमारों को विविध प्रकार की नीतिशास्त्र से सम्बंधित कथाए सुनाई।  उन्होंने इन कथाओं में पात्रों के रूप में पशु-पक्षिओ का वर्णन किया और अपने विचारों को उनके मुख से व्यक्त किया।  

पशु-पक्षिओ को ही आधार बनाकर उन्होंने राजकुमारों को उचित-अनुचित आदि का ज्ञान दिया और इसके साथ ही राजकुमारों को व्यवहारिक रूप से प्रशिक्षित करना आरंभ किया। पंडित विष्णु शर्मा द्वारा सुनाई गई कहानियाँ बेहद रोचक और रोमांचकरी और ज्ञान से भरी होती थीं। 

जिन्हें सुनकर राजा के पुत्रों को बड़ी ही आसानी से ज्ञान की प्राप्ति हो गई। राजकुमारों की शिक्षा समाप्त होने के पश्चात पंडित विष्णु शर्मा ने इन कहानियों को पंचतंत्र की कहानीयां ( panchtantra ki kahaniya in hindi) संग्रह के रूप में संकलित किया। 

panchtantra ki kahaniyan

Panchtantra ki kahaniyan

 

  पंचतंत्र की कहानियों को पाँच तंत्रों (भागों) में बाँटा गया है :- panchtantra ki kahani in hindi by vishnu sharma

1. मित्रभेद(मित्रों में मनमुटाव एवं अलगाव)

2. मित्रलाभ या मित्रसंप्राप्ति (मित्र प्राप्ति एवं उसके लाभ)

3. संधि-विग्रह/काकोलूकियम  (कौवे एवं उल्लुओं की कथा)

4. लब्ध प्रणाश (मृत्यु या विनाश के आने पर; यदि जान पर आ बने तो क्या?)

5. अपरीक्षित कारक(जिसको परखा नहीं गया हो उसे करने से पहले सावधान रहें; हड़बड़ी में क़दम न उठायें)

panchtantra ki kahaniya in hindi मनोविज्ञान, व्यवहारिकता तथा राजकाज के सिद्धांतों से परिचित कराती हैं। पंचतंत्र की सम्पूर्ण कहानियाँ सभी विषयों को बड़े ही रोचक ढंग से सामने रखती है तथा साथ ही साथ हमें सीख भी देती हैं। 

इस लेख में  हम पंचतंत्र की कहानियाँ  को साझा करेंगे ताकि आप उन्हें एक जगह पर पढ़ पाएं और उनसे सीख पाएं। जैसे जैसे कहानियां प्रकाशित की जयेंगी, नीचे दिए गए लिंक्स को भी अपडेट किया जायेगा, आप चाहें तो इस पेज को बुकमार्क कर लें ताकि बाद में आपको पढ़ने में आसानी हो।   

१.मित्रभेद

पंचतंत्र की प्रारंभ की कथा – मित्रभेद

1. बन्दर और लकड़ी का खूंटा 

2. सियार और ढोल 

3. व्यापारी का पतन और उदय 

4. पाचन तंत्र की कहानी आलसी गधा

5. लोमड़ी की दावत पंचतंत्र की कहानी 

6. दुष्ट सर्प और कौवे

7. बगुला और केकड़ा की कहानी 

8.चतुर खरगोश और शेर 

9. खटमल और जूं की कहानी

10.नीले सियार की कहानी 

11.मूर्ख ऊंट की कहानी

12.टिटिहरी का जोडा़ और समुद्र का अभिमान 

13. मूर्ख बातूनी कछुआ 

14. मूर्ख गधा पंचतंत्र की कहानी

15. हाथी और गौरैया

16.सिंह और सियार 

17. चिड़िया और बन्दर।  मित्रभेद 

18. खट्टे अंगूर की कहानी 

19. मूर्ख बगुला और नेवला

20. जैसे को तैसा।  मित्रभेद 

21. मूर्ख मित्र।  मित्रभेद  

2: मित्र सम्प्राप्ति  (The Gaining of Friends)

1.  साधु और चूहा।  मित्र सम्प्राप्ति 

2.  गजराज और मूषकराज की कथा ~ मित्र सम्प्राप्ति

3.  ब्राह्मणी और तिल के बीज 

4.  मेंढक और चूहा की कहानी |

5.  अभागा बुनकर 

3: संधि-विग्रह/काकोलूकियम  (कौवे एवं उल्लुओं की कथा)

1.  कौवे और उल्लू के बैर की कथा पंचतंत्र

2.  चतुर मुर्गे की कहानी 

3.  धूर्त बिल्ली का न्याय 

4.   बकरा, ब्राह्मण और तीन ठग

5.  कबूतर का जोड़ा और शिकारी 

6.  ब्राह्मण और सर्प की कथा 

7.  बूढा आदमी, युवा पत्नी और चोर ~ संधि-विग्रह

8.  ब्राह्मण, चोर, और दानव की कथा 

9. घर का भेद दो सांपों की कहानी

10. चुहिया का स्वयंवर 

11.  सोने का मल की कथा

12.  बोलने वाली गुफा

13.  सांप की सवारी करने वाले मेढकों की कथा 

14.  कौवे और उल्लू का युद्ध 

15.  कछुए और खरगोश की दौड़ 

4:  लब्धप्रणाशा  (Loss of Gains)

1.  बंदर का कलेजा 

2.  लालची नागदेव और मेढकों का राजा

3.  शेर और मूर्ख गधा 

4.  गीदड़, गीदड़ ही रहता है 

5.  हिंदी कहानी मूर्ख बगुला और नेवला 

6.  सियार की रणनीति ~ लब्धप्रणाशा

7.  कुत्ता जो विदेश चला गया 

8. स्त्री का विश्वास ~ पंचतंत्र

5: अपरीक्षितकारक (Ill-Considered Actions)

1. अपरीक्षितकारकम् ~ पाँचवा तंत्र ~ प्रारंभ की कथा

2.  ब्राह्मणी और नेवला की कथा

3.  मस्तक पर चक्र

4.  जब शेर जी उठा 

5.  चार मूर्ख पंडितों की कथा 

6.  दो मछलियों और एक मेंढक की कथा 

7. मूर्ख संगीतकार गधा

8.  ब्राह्मण का सपना 

9. प्यासे कौवे की कहानी

10. वानरराज का बदला 

11. राक्षस का भय 

बच्चों की प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक कहानियाँ 

मुझे उम्मीद है आपको यह जानकारी panchtantra ki kahaniyan, panchtantra ki kahani in hindi by vishnu sharma पसंद आई होगी। आपने हमें इतना समय दिया आपका बहुत धन्यवाद। 

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