Saturday, December 10, 2022
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Pluto in Hindi: प्लूटो ग्रह से जुड़ी जानकारीयां 

Pluto in Hindi – Pluto जिसे 2006 से पहले सौरमंडल के सभी 8+1 ग्रहो में से सबसे छोटा गृह होने का स्थान मिला था  लेकिन 2006 के बाद इसे इस सूचि से निकाल दिया गया था इसके कुछ समय बाद ही इस गृह को बोने ग्रहो (Pluto Facts in Hindi) कि सूची में शामिल किया गया व् इस अब बोना गृह (The Dwarf Planet) के नाम से भी जाना जाता है।

प्लूटो गृह कि सूर्य से औसत दुरी 5,913,520,000 किलोमीटर है। pluto meaning in hindi  Pluto गृह को हिंदी भाषा में यम गृह के नाम से जाना जाता है और अब कुल ग्रहो कि संख्या 8 है। विज्ञानिको द्वारा Pluto गृह को पूर्ण आकार का गृह नहीं माना जाता है। 

प्लूटो को कभी सौरमंडल का सबसे बाहरी ग्रह माना जाता था लेकिन अब इसे सौरमंडल के बाहरी घेरे की सबसे बड़ी खगोलीय वस्तु माना जाता है।  प्लूटो का आकार और द्रव्यमान बहुत छोटा है। प्लूटो का आकार पृथ्वी के चंद्रमा से केवल एक तिहाई है।

सूरज के आस पास इसकी परिक्रमा की कक्षा भी थोड़ी बढ़ेगी – यह कभी वरुण की कक्षा के भीतर जाकर सूरज से 30 खगोलीय इकाई दूर होता है तो कभी दूर जाकर सूर्य से 45 खगोलीय इकाई पर पहुंच जाता है। प्लूटो काइपर घेरे की अन्य वस्तुओं की तरह ज्यादातर जमी हुई नाइट्रोजन की बर्फ, पानी की बर्फ, और पत्थरों का बना हुआ है। यम को सूर्य की एक पूरी परिक्रमा करने में 248.09 साल लगते हैं।

 प्लूटो ग्रह कैसा दिखता है?

प्लूटो ग्रह का व्यास लगभग 2300 किलोमीटर है अथार्त पृथ्वी का 18 प्रतिशत है। प्लूटो का रंग काला, नारंगी और सफेद का मिश्रण है। कहा जाता है कि जितना अंतर प्लूटो के रंगों के मध्य होता है उतना सौरमंडल की बहुत ही कम वस्तुओं में देखा जाता है। 

अथार्त उन पर रंग ज्यादातर एक जैसे ही होते हैं। सन् 1994 से लेकर 2003 तक किए गए अध्धयन में देखा गया है कि प्लूटो ग्रह के रंगों में बदलाव आया है। उत्तरी ध्रुव का रंग थोडा उजला हो गया था और दक्षिणी ध्रुव थोडा गाढ़ा। माना जाता है कि यह प्लूटो पर बदलते मौसमों का इशारा है।

प्लूटो ग्रह का वायुमंडल 

प्लूटो ग्रह का वायुमंडल बहुत पतला है जिसमें नाइट्रोजन, मीथेन और कार्बन डाईऑक्साइड है। जब प्लूटो परिक्रमा करते हुए सूर्य से दूर हो जाता है तो उस पर ठंड बढ़ जाती है और इन्हीं गैसों का कुछ भाग जमकर बर्फ की तरह उसकी सतह पर गिर जाता है जिससे उसका वायुमंडल और भी पतला हो जाता है। जब प्लूटो सूर्य के पास आता है तब उसकी सतह पर पड़ी इस बर्फ का कुछ भाग गैस बनकर वायुमंडल में आ जाता है।

Pluto in Hindi  – प्लूटो  से जुड़े रोचक तथ्य 

1. प्लूटो की खोज 18th February 1930 में खगोल विज्ञानी Clyde W. Tombaugh के द्वारा कि गई थी जो उस समय एरिज़ोना के फ्लैगस्टाफ में लोवेल वेधशाला में काम कर रहे थे.

2. Clyde W. Tombaugh ने प्लूटो को गलती से खोज लिया था जबकि वे प्लेनेट एक्स नामक एक अज्ञात ग्रह की तलाश में था जो यूरेनस और नेपच्यून की कक्षाओं में गड़बड़ी पैदा कर रहा था.

3. प्लूटो का नाम ऑक्सफॉर्ड स्कूल ऑफ लंदन में पढ़ने वाली 11वीं की छात्रा वेनेशिया बर्ने ने रखा था. इस बच्ची ने कहा था कि रोम में अंधेरे के देवता को प्लूटो कहते हैं, इस ग्रह पर भी हमेशा अंधेरा रहता है, इसलिए इसका नाम प्लूटो रखा जाए.

4. Pluto का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बेहद कम होता है उदाहरण के तौर पर यदि पृथ्वी पर किसी वस्तु का वजन 100 पाउंड होता है, तो उस वस्तु का Pluto पर वजन मात्र  7 पाउंड होगा.

5. प्लूटो और सूर्य के बीच की दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी का लगभग 40 गुना है. अगर पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी एक किलोमीटर मान ली जाए तो प्लूटो और सूर्य के बीच की दूरी 40 किलोमीटर होगी.

6. Pluto गृह के कुल 5 चाँद है जिनके नाम क्रमश: Charon, Nix, Hydra, Kerberos, और Styx है.

7. प्लूटो को सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में पृथ्वी के मुकाबले 24 साल अधिक लगते हैं. 

8. प्लूटो सूर्य का चक्र अण्डाकार कक्षा में लगता है और इसलिए जब यह सूर्य के सबसे करीब होता है, तो इस गृह कि बर्फ गैसीय रूप में बदल जाती है और ग्रह पर एक पतला वातावरण बनाती है.

9. Dwarf Planet Pluto का एक दिन पृथ्वी के मुकाबले 6.4 दिन का होता है.

10.  प्लूटो अपनी अण्डाकार कक्षा में सूर्य के चारों ओर एक परिक्रमा पूरी करने में 248 साल लगता हैं.

11. प्लूटो का आकार पृथ्वी के चंद्रमा से भी छोटा है और संयुक्त राज्य अमेरिका देश के व्यास का की तुलना में आधा चौड़ा है

12. प्लूटो गृह का व्यास पृथ्वी के चंद्रमा का व्यास 2/3 है और इसका द्रव्यमान पृथ्वी के चंद्रमा का द्रव्यमान 1/6 है.

13. प्लूटो का सबसे बड़ा चंद्रमा Charon है, जिसे इस गृह के चारों ओर एक चक्र को पूरा करने में लगभग 6.4 दिन का समय लगता है.

14. प्लूटो गृह पर बर्फ के रूप में पानी पाया जाता है और इस पानी कि मात्रा पृथ्वी के सभी महासागरों में आरक्षित जल से लगभग तीन गुना अधिक है.

15. विज्ञानिको द्वारा कि गई खोज में इस ग्रह की सतह पर बड़े- बड़े गड़े पाए गए है. उदाहरण के तोर पर प्लूटो पर 260 किमी व्यास के बड़े गड्ढे देखे गए हैं.

16. क्या आप जानते है पृथ्वी की सतह पर दबाव प्लूटो की तुलना में 100,000 गुना अधिक है.

17. Pluto को ये नाम 1930 में दिया गया था और इस गृह का नाम सुझाने वाली लड़की को नाम सुझाने के लिए इनाम के तौर पर 5 पाउंड दिए गए थे.

18. प्लूटो से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि ग्रह पर जीवन का अस्तित्व संभव नहीं है.

19. Dwarf Planet Pluto के बारे में अजीब और अज्ञात तथ्यों को उजागर करने के लिए प्रकाश के विश्लेषण की तकनीक Spectroscopy का उपयोग किया जाता है.

# Pluto planet in Hindi 

20. प्लूटो और सूर्य के बीच की भारी दूरी के कारण, सूर्य की रोशनी को प्लूटो तक पहुंचने में लगभग 5 घंटे लगते हैं। और इसे (सूरज की रोशनी) पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट और 20 सेकंड लगते हैं.

21. NASA के द्वारा प्लूटो का अध्ययन करने के लिए एक New Horizons नामक अंतरिक्ष यान लॉन्च (2006 में लॉन्च किया गया था) किया गया है और यह  यह प्लूटो की उड़ान भरने वाला पहला अंतरिक्ष यान भी है.

22. नासा के द्वारा लॉन्च किया गया यह अंतरिक्ष यान Piano के आकार का था और जिसे सिर्फ और सिर्फ प्लूटो को करीब से जानने के लिए ही बनाया गया था.

23. प्लूटो गृह पर मौजूद तत्वों को लेकर वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है कि प्लूटो के चट्टानी कोर और बर्फ की मोटी बाहरी परत के बीच तरल पानी का अस्तित्व हो सकता है. यह भी माना जाता है कि ग्रह के पानी में कार्बन, हाइड्रोजन, कैल्शियम, नाइट्रोजन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सल्फर, क्लोरीन, सोडियम और लोहा जैसे तत्व भी जरूर हो सकते है.

24. सूर्य की तीव्रता पृथ्वी पर पूर्ण दिन की तुलना में प्लूटो पर 1/900 गुना धुंधली है.अर्तार्थ Pluto पर गर्मी बेहद कम है.

25. प्लूटो के 5 उपग्रहों (चाँद) को क्रमश : चांद चारोन (1978 में खोजे गए), हाइड्रा और निक्स (दोनों 2005 में खोजे गए), केर्बेरोस मूल रूप से पी 4 (2011 की खोज) और स्टाइलिक्स मूल रूप से पी 5 (2012 की खोज) में खोजा गया था.

26. विज्ञानिको कि खोज के अनुसार Dwarf Planet Pluto पर एक तिहाई बर्फ के रूप में जल व् दो तिहाई चट्टान है.

27. इस गृह के सौरमंडल में होने कि सबसे पहले भाविष्यवाणी 1915 में Percival Lowell द्वारा की गई थी.

28. प्लूटो का आकार, संरचना, सूर्य और चंद्रमा से दूरी का आकार: इत्यादि जानकारी कि पुस्टि NASA के न्यू होराइजंस मिशन के द्वारा कि गई है.

29. प्लूटो गृह  नेप्च्यून की कक्षा से परे एक डिस्क के आकार के क्षेत्र में स्थित है. इस क्षेत्र को क्विपर बेल्ट कहा जाता है.

30. इस गृह का व्यास 2,302 किमी (1430.4 मील) पृथ्वी के चंद्रमा से केवल दो-तिहाई है व् इसका द्रव्यमान 1.31 x 1022 किलोग्राम है, जो चंद्रमा का एक-छठा हिस्सा है.

31. प्लूटो अपनी कक्षा चक्र लगता हुआ जब भी सूर्य के करीब होता है, तो इसकी बर्फीली सतह पिघल जाती है, और नाइट्रोजन, मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड से युक्त गैसीय वातावरण की एक पतली परत बनाती है और जैसे ही यह बोना ग्रह दूर सूर्य से दूर जाता है, तो यह वातावरण फिर से जम जाता है और सतह पर वापस आ जाता है.

32. प्लूटो गृह का घनत्व 2.050 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर व् भूतल गुरुत्वाकर्षण 0.66 मीटर प्रति वर्ग सेकंड है.

33. Pluto का घूर्णन प्रतिगामी है, जिसका अर्थ है कि यह ग्रह युरेनस और शुक्र की तरह पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है और इसमें 122.5 ° का अक्षीय झुकाव है.

34. 1978 में, प्लूटो की खोज के लगभग 50 साल बाद, इस ग्रह की परिक्रमा करने वाले पहले चंद्रमा की खोज की गई थी.

35. प्लूटोनियम तत्व का नाम इसी गृह के नाम पर रखा गया है.

36. The Hubble Space Telescope प्लूटो के बारे में दिलचस्प और महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

37. इस गृह कि सतह का अमूमन तापमान माइनस 233 से माइनस 223 डिग्री सेल्सियस तक रहता है.

38. प्लूटो का वायुमंडल मुख्य रूप से नाइट्रोजन से बना है, जो सतह से 1,600 किमी ऊपर फैला हुआ है. मीथेन वायुमंडल का एक और घटक है और यह सूर्य के प्रकाश के कारण एथिलीन और एसिटिलीन को मीथेन गैस कणों को तोड़ने के कारण बनता है.

39. अंतरिक्ष यान द्वारा प्लूटो में एक दिल के आकार का क्षेत्र भी खोजै गया है जिसे Sputnik Planum कहा जाता है. यह क्षेत्र नाइट्रोजन, कार्बन मोनोऑक्साइड और मीथेन आयनों से बना हुआ है.

40. प्लूटो पर पृथ्वी की तुलना में 10,000 गुना कम सतह का दबाव है.

41. प्लूटो के वर्गीकरण को लेकर विवाद रहा है. इसकी खोज के तुरंत बाद इसे नौवें ग्रह के रूप में वर्गीकृत किया गया था और 75 वर्षों तक ऐसा ही रहा. लेकिन 2006 के 24 अगस्त को IAU ने “ग्रह” की एक नई परिभाषा तय की, जिसमें प्लूटो शामिल नहीं किया गया. प्लूटो को अब “बौने ग्रह” के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो “ग्रह” से अलग एक वर्ग है.

42. प्लूटो को लघु ग्रह सूची में 134340 नंबर दिया गया है। 

43.प्लूटो के पास आज तक एक ही अंतरिक्ष यान पहुंच पाया है और वह है न्यू होराइजंस। यह यान 19 जनवरी, 2006 को लांच किया गया था और 14 जुलाई, 2015 को कुछ ही घंटे के लिए प्लूटो के पास से गुजरा। इस यान ने इतने से समय में ही इस ग्रह की बहुत सी तस्वीरें लीं और कई गणनाएं भी की।

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