Tuesday, December 6, 2022
HomeHealthशतावरी के फायदे | Shatavari ke fayde

शतावरी के फायदे | Shatavari ke fayde

Shatavari ke fayde:- शतावरी एक प्राचीन जड़ी बूटी है। शतावरी चूर्ण के फायदे महिलाओं और पुरुषों के लिए होते हैं। लेकिन आज हम शतावरी चूर्ण के फायदे केवल पुरुषों के लिए क्‍या हैं यह जानेगें। पुरुषों के लिए शतावरी चूर्ण का उपयोग सदियों से प्रजनन समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जा रहा है। शतावरी चूर्ण के लाभ पुरुषों के शरीर में हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में सहायक होते हैं।

ऐसा माना जाता है कि शतावरी चूर्ण में यौन उत्‍तेजक और यौन क्षमता बढ़ाने वाले गुण होते हैं। इसके अलावा भी शतावरी चूर्ण का इस्‍तेमाल कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है। पुरुषों के लिए शतावरी चूर्ण के लाभ वीर्य बढ़ाने, मधुमेह को रोकने, हृदय को स्‍वस्‍थ रखने, तनाव को कम करने आदि में होते है। आज इस आर्टिकल में आप शतावरी चूर्ण के फायदे पुरुषों के लिए क्‍या हैं यह जानेगें।

Shatavari ke fayde

पुराने समय से ही आयर्वेद में शतावरी को पुरुषों की यौन शक्ति को बढ़ने वाल बलिष्ठ और ऊर्जावान बनने वाली औसधि के रूप में जाना जाते आ रहा है। शतावरी चूर्ण पुरुषों में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होता है।

Shatavari ke fayde

1. पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने के लिए।
शतावरी का कई सदियों से पुरषों की यौन शक्ति में वृद्धि के लिए उपयोग किया जा रहा है। पुरुषों में इरेक्शन और उत्तेजना बढ़ाने के लिए इसका नियमित सेवन काफी लाभकारी है। जब शतावरी का सेवन ऐसे लोगों ने नियमित रूप से किया, जो कई तरह के यौन समस्या से जूझ रहे थे उन्हें इसके सेवन से सकारात्मक परिणाम मिले।
 
नपुंसकता के मामलों में भी देखा गया है की शतावरी बहुत फायदा पहुंचाती है। और पुरषों के यौन स्वास्थ्य और स्टेमिना में वृद्धि कराती है।
ऐसे पुरुष जो शतावरी का सेवन नियमित रूप से करते है। देखा गया है की उनकी प्रजनन प्रणाली और यौन अंगों में मजबूती, यौन ऊर्जा में बढ़ोतरी हुई है।
2. स्वप्नदोष में लाभप्रद शतावरी चूर्ण।
यदि कोई स्वप्नदोष से पीड़ित है तो ताजी शतावर की जड़ इस में आपके काम आ सकती है। आप ये करें की 250 ग्राम ताजी शतावर की जड़ ले और इसमें इतना ही मिश्री मिलाकर अच्छे से कूट का इसका बारीक़ मिश्रण बना लें। अब इस बने चूर्ण में से लगभग 10 ग्राम ले और एक ग्लाश दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें। इसका पूरा लाभ लेने के लिए आपको शतावर चूर्ण का मिश्रण सही रीति से करना होगा।
3. पेशाब सम्बन्धी समस्याओं में लाभकारी।
यदि किसी को मूत्र सम्बन्धी परेशानी बानी रहती है उनके लिए शतावरी या इसका चूर्ण काफी फायदेमंद होता है। यदि आप पेशाब सम्बन्धी समस्या से झूझ रहे है तो आप ये उपाय आजमा सकते है। लेकिन किसी विशेसज्ञ की सलाह जरूर लें। तो चलिए जानते है आपको क्या करना है। 10 और 30 मिली ग्राम के अनुपात में शतावरी और गोखरू के मिश्रण का शरबत बना लें फिर इसका सेवन करें आपको लाभ होगा।
4. शतावरी चूर्ण तनाव को कम करे |
जिन लोगों को अत्‍याधिक तनाव या अवसाद होता है उनके लिए शतावरी चूर्ण की दवा से कम नहीं है। अधिक मात्रा में तनाव होना न केवल आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित करता है बल्कि यह शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी हानिकारक है। शतावारी चूर्ण का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती मिलती है जिससे शरीर पर तनाव के हानिकारक प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। 
 
इसके अलावा एस्‍पैरगस चूर्ण का सेवन करने से पुरुषों को अपना मूड बनाने में भी सहायक होती है जिससे तनाव को कम किया जा सकता है। यदि आप अधिक काम, शारीरिक थकान या अन्‍य कारणों से तनाव ग्रस्‍त हैं तो शतावरी चूर्ण का सेवन करें। यह तनाव को कम करने का सबसे अच्‍छा घरेलू उपाय है।
5. स्पर्म की संख्यां बढती है
पुरुषों के वीर्य बढ़ाने में शतावरी एक उत्तम ओषधि है। आयुर्वेद में इसका उल्लेख प्राचीन समय से ही किया जा चूका है की पुरुषों की योन शक्ति और स्पर्म काउंट सुधारने के लिए शतावरी का सेवन रामबाण उपाय है। इन सब के आलावा महिलाओं के लिए भी शतावरी बहुत फायदेमंद है। शतावरी सेवन से महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर किया जा सकता है।
6. प्रजनन क्षमता बेहतर होती है।
शतावरी के उपयोग से पुरुषों की प्रजनन क्षमता में सुधार आता है। और वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती है। जिससे पुरुषों की प्रजनन क्षमता बेहतर होती है। शतावरी के उपयोग से पुरुषों की यौन शक्ति में भी इजाफा होता है और शीग्र पतन की समस्या से भी निजात मिलती है। इसलिए पुरषों को शतावरी के उपयोग की सलाह दी जाती है।
7. जवां बनाये रखती है।
शतावरी के सेवन करने से पाया गया है कि बढती उम्र के प्रभाव कम करने में आसानी होती है। शतावरी में एंटी-ऑक्सीडेंट एवं ग्लूटाथियोन नामक तत्व पाया जाता है। जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में बहुत मदद है। इसके सेवन से त्वचा की झुर्रियां कम होती है तथा त्वचा की चमक और रंगत बनी रहती है।
8. मोटापे की समस्या से छुटकारा मिलता है
आज के समय में कई पुरुष मोटापे की समस्या से ग्रस्त हैं. शतावरी का नियमित रूप से सेवन करने से मोटापे की समस्या से छुटकारा मिलता है. शतावरी में घुलनशील एवं और अघुलनशील फाइबर की मात्रा पायी जाती है जो शरीर से वसा की परत को कम करने का कार्य करते हैं. इसलिए जो लोग मोटापे के शिकार हैं उनके लिए शतावरी फायदेमंद है |

शतावरी चूर्ण का उपयोग कैसे करें ?

शतावरी चूर्ण का सेवन करने की कोई विशेष विधि नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार इसे कई प्रकार से सेवन कर सकते हैं। हालांकि जिन लोगों को शतावरी का चूर्ण प्राप्‍त नहीं हो पाता है वे शतावरी आधारित गोलियां और कैप्‍सूल आदि का भी सेवन कर सकते हैं। सामान्‍य रूप से आप शतावरी चूर्ण को दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं। इसके लिए आप 1 छोटा चम्‍मच शतावरी चूर्ण को 1 गिलास गर्म दूध के साथ मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें।

शतावरी चूर्ण की खुराक |

सामान्‍य रूप से शतावरी पाउडर का सेवन करने की मात्रा 3 से 9 ग्राम प्रतिदिन है। आप नियमित रूप से दिन में 2 बार गर्म दूध के साथ शतावरी चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप शतावरी चूर्ण को शहद और पानी के साथ भी ले सकते हैं।

जो लोग शतावरी चूर्ण का सेवन करना शुरु कर रहे हैं उन्हें प्रतिदन ¼ से ½ चम्‍मच पाउडर का सेवन करना चाहिए।
जो लोग नियमित रूप से कुछ समय पहले से शतावरी चूर्ण का सेवन कर रहे हैं उनके लिए अनुशंसित मात्रा 2 चम्‍मच प्रतिदिन है।

पुरुषों के लिए शतावरी चूर्ण के में बरतें ये सावधानियां |

शतावरी एक औषधीय आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। जिसका सेवन करने से कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त होते हैं। हालांकि शोधों की कमी के कारण शतावरी का लंबे समय तक सेवन करने से फायदे हैं या नुकसान यह ज्ञात नहीं है।

शोधों की कमी के कारण अधिक समय तक और अधिक मात्रा में शतावरी चूर्ण का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है।
जिन लोगों को शतावरी से संबंधित एलर्जी होती है उन्‍हें शतावरी चूर्ण का सेवन करने से बचना चाहिए।

शतावरी में फाइटोएस्‍ट्रोजेन (phytoestrogens) की उच्‍च मात्रा होती है जिसके कारण यह हार्मोन संवेदनशील स्थितियों जैसे स्‍तन कैंसर, एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) आदि का कारण बन सकता है।

यदि आप किसी विशेष स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या संबंधी दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो शतावरी चूर्ण का सेवन करने से पहले अपने डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

शतावरी क्या है? 

शतावरी एक प्रशिद्ध जड़ी-बूटी है, जो बेल या झाड़ के रूप में पाई जाती है। एक-एक बेल के नीचे कम से कम 100, इससे अधिक जड़ें होती हैं। ये जड़ें लगभग 30-100 सेमी लम्बी, एवं 1-2 सेमी मोटी होती हैं। जड़ों के दोनों सिरें नुकीली होती हैं। शतावरी की जड़ों की ऊपरी परत भूरे रंग की होती है। और इसके अंदर का हिस्सा सफ़ेद होता है। इन जड़ों के बीच में कड़ा रेशा होता है, जो गीली एवं सूखी अवस्था में ही निकाला जा सकता है।

शतावरी चूर्ण क्‍या है?

शतावरी जड़ी बूटी के पाउडर को ही शतावरी चूर्ण के नाम से जाना जाता है। शतावरी को सौ रोगों की दवा कहा जाता है। शतावरी का वैज्ञानिक नाम एस्‍पैरगस रेसमोसस (Asparagus racemosus) है। शतावरी को महिलाओं के लिए चमत्‍कारिक जड़ी बूटी कहा जाता है। ल‍ेकिन यह जड़ी बूटी पुरुषों के लिए भी बहुत ही लाभकारी होती है। नियमित रूप से उपभोग करने के दौरान यह पुरुषों की शारीरिक क्षमता को बढ़ाने और कई प्रकार की गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को कम करने में सहायक होती है। आइए जाने शतावरी चूर्ण के लाभ पुरुषों के लिए क्‍या होते हैं।

मुझे उम्मीद है आपको यह जानकारी (Shatavari ke fayde) पसंद आई होगी। ऐसी ही और जानकारी के लिए आप हमारे साथ बने रहने। और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। आपने हमें इतना समय दिया आपका बहुत धन्येवाद। 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

%d bloggers like this: