Saturday, December 10, 2022
Homehindilekhsun in hindi : सूर्य के बारे में जानकारी

sun in hindi : सूर्य के बारे में जानकारी

Sun in hindi – रवि, Sun meaning in hindi रवि, भास्कर, सूर्य आदि होता है। सूर्य  जीवन देने वाला है। तभी तो इंसानो की सभी सभ्यताओं ने  सूर्य  को देवता के रूप में पूजा है। हमारे सूर्यमंडल का संचालन भी  सूर्य  से ही होता है। सभी गृह इसकी ही परिक्रमा करते है। भारतीय अध्यात्म में  सूर्य नारायण का तो बहुत महत्व है लेकिन आज हम इस पोस्ट में  सूर्य  के बारे में वैज्ञानिक तरीको व शोध से प्राप्त जानकारी के बारे में बात करेंगें तो आइए जानते है सूर्य sun in hindi के बारे में। 

सूर्य सौर मंडल के मध्य में मौजूद तारा है एवं सबसे भारी पिंड है। यह गर्म प्लाज्मा वाला क्षेत्र है। यह सौर मंडल के 99.8 प्रतिशत भाग के बराबर है और इसका व्यास (diameter) पृथ्वी के मुकाबले 109 गुना ज्यादा है। इसके अंदर करीब एक मिलियन पृथ्वी आ सकते हैं।

सूर्य का जो भाग दिखता है उसका तापमान 5500॰ सेल्सियस है और न्यूक्लिअर प्रक्रियाओं के कारण उसके कोर भाग का तापमान 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। वैज्ञानिक ऐसा कहते हैं कि सूर्य के जितनी ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए 100 बिलियन टन का डायनामाइट हर सेकंड विस्फोटित करना होगा।

सूर्य मिल्की वे आकाशगंगा के 100 बिलियन तारों में से एक है। यह मिल्की वे के केंद्रीय भाग जिसे गैलेक्टिक कोर कहा जाता है, उससे 25000 प्रकाश वर्ष दूर परिक्रमा करता है एवं एक परिक्रमा पूरी करने में इसे लगभग 250 मिलियन वर्ष का समय लगता है।

सूर्य एक युवा तारा है एवं तारों कि उन पीढ़ी में आता है जिनको Population I वर्ग में डाला गया है। इनमे वह गैस पाए जाते हैं जिनका भार हीलियम से ज्यादा हो। इससे पुराने तारे Population II वर्ग में आते हैं एवं तारों का Population III वर्ग भी है जो नष्ट हो चुके हैं और इसके अंतर्गत आने वाले मौजूदा तारों की जानकारी नहीं है।

  Sun in Hindi – सूर्य कैसे बना 

सूर्य की उत्पत्ति लगभग 4.6 बिलियन साल पहले हुई थी। ज्यादातर वैज्ञानिक यह मानते है कि एक बहुत बड़े घूमते हुए गैस एवं धूल के बादल जिनको सोलर नाब्युला कहा जाता है, उनसे सूर्य और बाकि सौर मंडल के ग्रहों का जन्म हुआ था।

गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नाब्युला में बहुत तेज भूचाल आया और वह और तेजी से घूमने लगा जिससे उसकी आकृति एक डिस्क के समान चपटी हो गई। फिर मध्य की तरफ बहुत ज्यादा खिंचाव हुआ जिससे आगे चलकर सूर्य का जन्म हुआ।

सूर्य में अभी इतना ज्यादा न्यूक्लिअर ईंधन है कि वह अगले 5 बिलियन सालों तक अपने वर्तमान रूप में निर्वाह कर सकता है। इसके बाद यह फुल कर एक red giant का रूप ले लेगा।

उसके बाद इसकी बाहरी परत नष्ट होने लगेगी जिससे इसके आंतरिक भाग ढह कर सफ़ेद ड्वार्फ बन जाएगा। इसके बाद अंतिम चरण में पहुँच कर यह कम टिमटिमाने वाला ठंडा पिंड बन जाएगा जिसे ब्लैक ड्वार्फ भी कहते हैं।

 सूर्य का आंतरिक भाग एवं वायुमंडल 

सूर्य एवं उसके वायुमंडल को कई जोन एवं परत में विभाजित किया गया है। अंदर से बाहर तक solar interior भाग कोर, विकिरण जोन एवं संवहनी (convective) जोन में विभाजित किया गया है।

इसके ऊपर पाए जाने वाले सौर वायुमंडल की परतें इस प्रकार हैं – फोटोस्फेयर, क्रोमोस्फेयर, संक्रमण (transition) जोन एवं कोरोना। इसके बाद सौर हवा बहती है जो कोरोना से निकलते हुए गैस से बनती है।

सूर्य का कोर भाग मध्य से शुरू होता है एवं सतह तक मौजूद रहता है। हालाँकि यह सूर्य के आयतन का सिर्फ दो प्रतिशत है, यह lead के घनत्व से 15 गुना ज्यादा है एवं पृथ्वी का लगभग आधा भार इसके तहत आता है।

इसके बाद विकिरण या radiative जोन आता है जो कोर से शुरू हो कर सतह के 70 प्रतिशत भाग में आता है। इसके तहत सूर्य का 32 प्रतिशत आयतन एवं 48 प्रतिशत भार आता है।

कोर से आने वाला प्रकाश विकिरण जोन में आकर फ़ैल जाता है। इससे एक अकेले फोटोन को यहां से निकलने में एक मिलियन साल तक लग जाता है।

फोटोस्फेयर सूर्य के वायुमंडल का सबसे निचला परत है, इससे वह रौशनी निकलती है जिसको हम पृथ्वी से देख पाते हैं। इसकी मोटाई लगभग 500 किमी तक है।

इसके ऊपरी भाग का तापमान 6125॰ सेल्सियस है और ऊपरी भाग का 4125॰ सेल्सियस तक है। यह कंटीले संरचनाओं से बना हुआ है जिसको spicules कहा जाता है। संक्रमित (transition) क्षेत्र वाला भाग से प्रकाश के रूप में ज्यादातर समय पैराबैंगनी (ultraviolet ) किरणें निकलती रहती हैं।

कोरोना सूर्य का सबसे गर्म भाग है जिसका तापमान 50000॰ सेल्सियस से 6 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है और जब सौर भूचाल आता है तो यह दसों मिलियन डिग्री तक गर्म हो जाता है।

 सूर्य का चुम्बकीय क्षेत्र 

साधारण स्थितियों में सूर्य का चुम्बकीय क्षेत्र पृथ्वी के मुकाबले सिर्फ दुगुना ज्यादा है, लेकिन कुछ जगहों पर जब यह कुछ ज्यादा ही केंद्रित होता है तो यह 3000 गुना तक तेज हो जाता है।

इस प्रकार के बदलाव होने के कारण सूर्य अपने इक्वेटर भाग की और ज्यादा झुका हुआ है और सतह के मुकाबले इक्वेटर भाग की तरफ होकर जल्दी घूम जाता है। इसके कारण सूर्य के सतह पर बहुत से धब्बे दिखाई देते हैं।

 सूर्य के अंदर मौजूद गैस (Gases of Sun in Hindi)

बाकि तारों की तरह सूर्य में भी हाइड्रोजन और हीलियम गैस काफी अधिक मात्रा में है। इसके अलावा ऑक्सीजन, कार्बन, नियोन, नाइट्रोजन, सिलिकॉन, मैग्नीशियम जैसे मौजूद हैं।

सूर्य में मौजूद हर एक मिलियन हाइड्रोजन अणु  के मुकाबले 98000 हीलियम के कण, 850 ऑक्सीजन, 350 कार्बन, 110 नाइट्रोजन, 40 मैग्नीशियम, 35 आयरन एवं 35 सिलिकॉन के कण हैं। सब अणुओं को मिलकर हाइड्रोजन सबसे हल्का अणु है एवं सूर्य के भार का 72 प्रतिशत है। हीलियम सूर्य के भार का 27 प्रतिशत है।

Sun Information In Hindi

1. यदि सूर्य का आकार फुटबॉल जितना बड़ा है और बृहस्पति ग्रह एक बॉल जितना बड़ा, तो धरती का आकार एक मटर के आकार से भी कम होगा.

2. सूरज 74% हाइड्रोजन और 24% हीलियम से बना है और बाकी का हिस्सा कहीं भारी तत्व जैसे ऑक्सीजन कार्बन लोहे और नियॉन से बना है.

3. सूर्य का बाहरी सतह का तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस होता है जबकि अंदरूनी भाग का तापमान 13100000 डिग्री सेल्सियस होता है.

4. सूर्य भारी मात्रा में सौर हवाई उत्पन्न करता है. जिसमें इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन जैसे कण होते हैं यह हवाई इतनी तेज और शक्तिशाली होती है कि इसमें मौजूद इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन सूर्य के शक्तिशाली गुरुत्व से भी बाहर निकल जाते हैं. धरती जैसे शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र वाले ग्रह धरती के पास पहुंचने से पहले ही मोड़ देते हैं. ध्यान दें चुंबकीय क्षेत्र मोड़ता है वायुमंडल नहीं.

5.  सूर्य  के अंदरूनी भाग का दबाव धरती के वायुमंडल की दबाव से 340 अरब गुना ज्यादा होता है.

6. सूरज के केंद्र से जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे इसकी सतह तक आने के लिए 50000000 साल लगते हैं.

7. यदि सूर्य के केंद्र से एक पनीर के टुकड़े जितने भाग को धरती की सतह पर रख दिया जाए तो तो कोई भी चट्टान और कई चीजें इसे धरती के 150 किलोमीटर अंदर तक दांत धसने से नहीं रोक सकता.

8. सूरज की सतह का क्षेत्रफल धरती के क्षेत्रफल से 11990 गुना ज्यादा है.

9. सूर्य का गुरुत्वाकर्षण धरती से 28 गुना ज्यादा है. मतलब कि अगर धरती पर आपका वजन 60 किलो है तो सूर्य पर यह है 1680 किलोग्राम होगा.

10. धरती की तरह सूर्य ठोस नहीं है यह सारा का सारा गैस से बना हुआ है.

11.  सूर्य  का गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली है कि छह अरब किलोमीटर दूर प्लूटो ग्रह भी इसके गुरुत्वाकर्षण के कारण अपने कक्ष में घूम रहा है.

12. प्रकाश सूर्य से प्लूटो तक पहुंचने में 5 घंटे 30 मिनट लेता है.

13. जैसे हमारी धरती अपने ध्रुव के समक्ष 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है ऐसे ही सूर्य 25 दिन में एक चक्कर पूरा करता है.

14. सूर्य के 1 वर्ग सेंटीमीटर से जितनी उर्जा पैदा होती है इतनी ऊर्जा 100 वाट के 64 बल्ब को जलाने के लिए काफी होगी.

15. सूर्य की कितनी उर्जा धरती तक पहुंचती है इतनी ऊर्जा संपूर्ण मानव द्वारा खपत से 6000 गुना ज्यादा होती है.

16. धरती पर हर जगह 360 दिनों में एक बार सूर्य ग्रहण जरूर दिखता है. साल में ज्यादा से ज्यादा 5 बार ही सूर्य ग्रहण लगता है सूर्य ग्रहण 4 मिनट 40 सेकंड तक रहता है मगर संपूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मिनट तक चलता है.

17. अब से 5 अरब साल बाद सूरज अब से 40% ज्यादा चमकने लगेगा और सारा सागर का पानी जलवाष्प बनकर आकाश में उड़ जाएगा.

18. अब से 7 अरब 70 करोड़ साल बाद सूर्य लाल दानव का रूप धारण कर लेगा यह लगभग 200 गुना बड़ा हो जाएगा और बुध ग्रह तक पहुंच जाएगा.

19. 7 अरब 90 करोड़ साल बाद सूर्य एक सफेद बोने मैं बदल जाएगा तब इसका आकार सिर्फ शुक्र करो जितना बड़ा होगा.

20. दोस्तों संस्कृत भाषा में सूर्य के 108 नाम वर्णित किए गए हैं.

21.सूर्य में 73% हाइड्रोजन है और 25% हीलियम के साथ बाकी ऑक्सीजन,निकेल, सिलिकन, सल्फर, मैग्निसियम, कार्बन, नियोन, कैल्सियम, क्रोमियम है।

22.वैज्ञानिको का मानना है‍ कि यदि एक पेंसिल की नोक जितना सूरज पृथ्वी पर आ जाए तो भी 145km दूर से ही आपकी जलकर मौत हो जाएगी।

23.सूर्य का संपूर्ण हाइड्रोजन जलने के बाद उसका बाद हीलियम जलना शुरू होगा।

24.सौरमंडल का 99.86% वजन अकेले सूर्य का है।

24.सूर्य की एक घंटे की सारी ऊर्जा को सोलर प्लेटों के सहारे बिजली में Convert करे तो यह दुनिया की एक साल की बिजली की खपत को पूरा कर सकती है।

26.नार्वे अकेला ऐसा देश है जहाँ 76 दिन तक सूरज नही छिपता है।

27.सूर्य का प्रकाश एक वर्ष में 9.5 ट्रिलियन किलोमीटर दूरी तय करता है।

28.पृथ्वी पर औसतन प्रत्‍येक वर्ष 5 बार सूर्यग्रहण लगता है।

29.सूर्यग्रहण लगभग 7 मिनट 40 सेकंड्स से लेकर 20 मिनट तक तक का हो सकता है।

30.सूर्य इतना बड़ा है कि अगर इसे खोखला कर इसमें धरती को डाला जाये तो 103 मिलियन धरती इसमें समा जाएँ।

31.सूर्य की रोशनी केवल एक दिन के लिए धरती पर न पहुंचे तो धरती कुछ ही घंटो में बर्फ की तरह जम जाएगी।

32.सूर्य 1 मिलियन हाइड्रोजन बम जितनी शक्ति छोड़ता है, एक सेकंड में चमकने पर।

सूर्य एक प्राकृतिक चिकित्सालय है। सूर्य की सप्तरंगी किरणों में अद्भुत रोगनाशक शक्ति है। सुबह से शाम तक सूर्य अपनी किरणों, जिनमें औषधीय गुणों का अपार भंडार है, अनेक रोग उत्पादक कीटाणुओं का नाश करता है। 

चीनवासियों की मान्यतानुसार जिस घर में सूर्य का प्रकाश नहीं जाता, वहाँ डाक्टर जाता है। हम जहाँ रहते है, वहाँ प्रकाश का महत्व अधिक होता है। अंधेरे कमरे में या जहाँ सूर्य की रोशनी नहीं आती है, उस घर में कीड़े-मकोड़े व सीलन अधिक रहेगी।

यह भी पढ़ें:-
बृहस्पति गृह की जानकारी
पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारी
चंद्रमा के बारे में जानकारी
शनि ग्रह की जानकारी
बुध ग्रह की जानकारी
मंगल ग्रह की जानकारी
शुक्र ग्रह की जानकारी
प्लूटो ग्रह से जुड़ी जानकारीयां

उम्मीद है आपको जानकारी सूर्य Sun in hindi पसंद आई होगी। हमने और भी ग्रहों के बारे में जानकारी लिखा है आप उन्हें भी पढ़ें पर अपनी जानकारी बढ़ाएं। धन्यवाद। 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

%d bloggers like this: