Friday, December 9, 2022
HomehindilekhVenus Planet in Hindi : शुक्र ग्रह की जानकारी 

Venus Planet in Hindi : शुक्र ग्रह की जानकारी 

Venus Planet in Hindi:- शुक्र ग्रह / Venus Planet सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकटतम ग्रहो में से एक है। जिसे हिंदी भाषा में शुक्र ग्रह (Venus Planet in Hindi) के नाम से भी जाना जाता है। 

रात के समय शुक्र ग्रह चंद्रमा के बाद आकाश में सबसे अधिक चमकीला ग्रह है व् इस ग्रह को पृथ्वी की बहन भी कहा जाता है क्योंकि Venus Planet का द्रव्यमान व आकार पृथ्वी के आकार के लगभग बराबर है। 

इस ग्रह के पर्यावरण और संरचना का अध्ययन करने के लिए बहुत सारे अंतरिक्ष यान शुक्र पर भेजे गए है जिनसे समय समय पर Venus Planet से जुडी बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुई है जो इस ग्रह की भौगोलिक, वायुमंडलीय, व् कई अन्य महत्वपूर्ण स्तिथि से सम्बंधित है। 

Venus Planet Hindi

1. शुक्र पृथ्वी का सबसे निकटतम और सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है.

2.  शुक्र अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है जिसकी घूर्णन दिशा Uranus के घूमने की दिशा के समान है.

3. सूर्य के प्रकाश को शुक्र ग्रह तक पहुँचने में लगभग 6 मिनट लगते हैं व् इस प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 20 सेकंड लगते है.

4. विज्ञानिको की खोज के अनुसार ऐसा माना जाता है कि Venus एक केंद्रीय लौह कोर, चट्टानी मैंटल और सिलिकेट क्रस्ट से बना ग्रह है.

5. Venus Planet की सतह पर सल्फ्यूरिक एसिड का भंडार है व् इसकी सतह ने सल्फ्यूरिक एसिड को बादल की तरह बिछाया हुआ है.

6. शुक्र ग्रह का कोई उपग्रह (चन्द्रमा) नहीं है और न ही इस ग्रह पर शनि गृह की तरह वलय है.

7. शुक्र ग्रह का तापमान आमतौर पर 425 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है जोकि Lead धातु को भी पिघला सकता है.

8. Venus Planet को यह नाम प्रेम और सुंदरता की देवी (रोमन देवी) के नाम पर दिया गया है.

9. शुक्र ग्रह का व्यास 12,104 किमी व् द्रव्यमान: 4.87 x 10 ^ 24 किग्रा है

10. ऐसा माना जाता है इस ग्रह को 17वी शताब्दी में बेबीलोन के खगोलविदों द्वारा खोजा गया था.

11. शुक्र के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि यह सौर मंडल के सभी ग्रहो में से सबसे अधिक गोलाकार कक्षा में सूरज का चक्र लगता है.

12.  शुक्र ग्रह की सतह पर पहाड़, घाटियाँ और सैकड़ों ज्वालामुखी हैं. वास्तव में, शुक्र के पास सौर मंडल के किसी भी अन्य ग्रह की तुलना में अधिक ज्वालामुखी हैं लेकिन इनमे से कई निष्क्रिय हैं.

13. -3.8 से -4.6 के बीच की तीव्रता के साथ शुक्र इतना चमकीला होता है कि इसे पृथ्वी से दिन के समय देखा जा सकता है.

14. शुक्र पर वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी की तुलना में 92 गुना अधिक है.

15. शुक्र ग्रह की सतह पर कोई भी छोटा गड्ढा नहीं है क्युकि इसके वायुमंडल में प्रवेश करने वाले क्षुद्रग्रह या अन्य वस्तु को इसकी सतह पर टकराने से पहले ही इसके वायुमंडल का दाब नष्ट कर देता है.

16. शुक्र ग्रह में मौजूद सबसे ऊँचा पर्वत – Maxwell Montes है, जोकि 8.8 किलोमीटर ऊँचा है. इस पर्वत की तुलना पृथ्वी पर Mount Everest से की जा सकती है, जिसकी ऊँचाई भी लगभग इसके समान है.

17. विज्ञानिको के अनुसार शुक्र ग्रह का विपरीत दिशा में घूर्णन करने का कारण करोडो- अरबो साल पहले इसके किसी उल्कापिंड से टकराने के कारण उत्पन हुई स्तिथि है.

18. शुक्र पर NASA के द्वारा किये गए अध्यनो में पाया गया है की इस ग्रह की सतह पर 20 किमी से बड़े 1,000 से अधिक ज्वालामुखी केंद्र है जिनमे से अधिकांश निष्क्रय व् कुछ सक्रिय ज्वालामुखी है.

19. पृथ्वी और शुक्र आकार में केवल 638 किलोमीटर का अंतर है, शुक्र पृथ्वी के द्रव्यमान का 81.5% है.

20. शुक्र 3 डिग्री के अपने सीमित अक्षीय झुकाव के कारण किसी भी मौसम का अनुभव नहीं करता इस गृह पर हमेशा अत्यधिक गर्मी ही रहती है.

21. Venus की धीमी घूर्णन गति के कारण, इस गृह का चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी की तुलना में बहुत कमजोर है.

22. शुक्र से जानकारिया जुटाने के लिए अब तक कुल 40 से अधिक अंतरिक्ष यान इस ग्रह पर व् इसके नजदीक भेजे जा चुके है.

23. Venus को अपनी धुरी पर घूमने में पृथ्वी दिन के अनुसार कुल 243 दिन लगते है और सूर्य के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में 225 दिन लगते हैं.

24. इस ग्रह पर तीव्र दबाव किसी भी आने वाले अंतरिक्ष यान को अपनी सतह पर लंबे समय तक रहने की अनुमति नहीं देता है और अंतरिक्ष यान इस ग्रह की सतह पर अधिकतम 2 घंटे ही रुक सकता है.

25. Venera 3 1966 में शुक्र पर उतरने वाला पहला मानव निर्मित अंतरिक्ष यान था.

26. शुक्र ग्रह का वायुमंडल सदैव गेसो के द्वारा बने घने बादलों से घिरा रहता है. उदाहरण के तोर पर अगर कोई इंसान इस ग्रह पर चला जाएं तो वह इस ग्रह की सतह से सूर्य या पृथ्वी को कभी नहीं देख पाएंगे.

27. Venus लगभग एक पूर्ण आकार का क्षेत्र है, जिसका अर्थ यह भी है कि इसके भूमध्यरेखा और ध्रुवीय व्यास में बहुत कम अंतर है.

28. शुक्र ग्रह की Orbit Velocity 126,074 किमी / घंटा और विषुवतीय झुकाव 177.3 डिग्री पर है.

29. इस ग्रह की भूमध्यरेखीय परिधि 38,024.6 किमी और आयतन लगभग 928,415,345,893 घन किमी है.

30. Venus Planet का कुल क्षेत्रफल 460,234,317 वर्ग किलोमीटर है.

31. ऐसा कहा जाता है कि 1581 में बेबीलोन के खगोलविदों द्वारा सबसे पहले इस गृह का उल्लेख किया गया था व् बेबीलोन खगोलविदों ने “आकाश की उज्ज्वल रानी” के रूप में शुक्र ग्रह का उल्लेख किया था.

32. वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि अरबो साल पहले शुक्र की जलवायु पृथ्वी के समान रही होगी व् इस ग्रह पर बड़ी मात्रा में पानी या महासागर रहे थे.हालांकि, अत्यधिक तापमान व् ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण, यह पानी बहुत पहले उबल गया था और जीवन को बनाए रखने के लिए ग्रह की सतह अब बहुत गर्म और जीवन कि शत्रु बन गई.

33. इसकी सतह की अनुमानित आयु लगभग 300-400 मिलियन वर्ष पुरानी है, तुलनात्मक रूप से, पृथ्वी की सतह लगभग 100 मिलियन वर्ष पुरानी है.

34. शुक्र सौर मंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसका नाम एक महिला आकृति के नाम पर रखा गया है.

35. Venus 41 मिलियन किलोमीटर (25.5 मिलियन मील) की औसत दूरी के साथ, हमारे सबसे करीब का ग्रह है.

36. प्राचीन रोमनों के समय शुक्र ग्रह को लेकर यह समझा गया था कि शुक्र पृथ्वी के अलावा चार ग्रहों में से एक है, और इन ग्रहों में सबसे चमकीला और सबसे अधिक दर्शनीय होने के कारण, रोम के लोगों ने अपने प्यार और सुंदरता की देवी के नाम पर Venus का नाम रखा और अपने नाम के परिणामस्वरूप, इस ग्रह को पूरे इतिहास में स्वाभाविक रूप से प्रेम, स्त्रीत्व और रोमांस से जुड़ा हुआ माना गया.

37. शुक्र के वातावरण को दो विस्तृत परतों में विभाजित किया जा सकता है,  पहला बदलो से घिरा वातावरण है जो पूरे ग्रह को प्रभावी ढंग से घेरता है और दूसरा इन बादलों के नीचे इस गृह का असली रूप दिखाई देता है.

38. वैज्ञानिक इस ग्रह से जानकारी जुटाने के लिए रडार मैपिंग विधि का उपयोग करते है और फोटोग्राफी और रडार इमेजिंग दोनों कि विकिरण को इकट्ठा करके इस गृह पर अध्यन व् तस्वीरों को लिया जाता है. जिसमे फोटोग्राफी दृश्य प्रकाश विकिरण एकत्र करती है, और रडार मैपिंग माइक्रोवेव विकिरण एकत्र करती है.

39. इस ग्रह पर रडार मैपिंग का उपयोग करने में लाभ यह है कि माइक्रोवेव विकिरण ग्रह के घने बादलों से गुजरने में सक्षम है, जबकि फोटोग्राफी के लिए आवश्यक प्रकाश ऐसा करने में असमर्थ होता है.

40. अंतरिक्ष यान के जरिए Venus की सतह का पहला रडार मैपिंग 1978 में लिया गया था.

41. अन्य स्थलीय ग्रहों की तरह, Venus का इंटीरियर रूप तीन परतों से बना है: एक Crust, एक Metal और एक Core. माना जाता है कि Venus की Crust 50 किमी मोटी है, इसकी Metal 3,000 किमी मोटी है, और Core का व्यास 6,000 किमी है.

यह भी पढ़ें:-
बृहस्पति गृह की जानकारी
पृथ्वी के बारे में रोचक जानकारी
चंद्रमा के बारे में जानकारी
शनि ग्रह की जानकारी
बुध ग्रह की जानकारी
मंगल ग्रह की जानकारी
शुक्र ग्रह की जानकारी
प्लूटो ग्रह से जुड़ी जानकारीयां

मुझे उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। ऐसी ही जानकारी के लिए बने रहें हमारे साथ और हाँ ऐसे शेयर करना जरूर करें। और हमे फेसबुक में फॉलो करें।
आपने हमे इतना समय दिया आपका बहुत धन्येवाद !

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

%d bloggers like this: