बिगड़ी लाइफस्टाइल के कारण ही हमारे देश की 5% से ज्यादा आबादी मोटापे का सामना कर रही है। एलोवेरा एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, ये हमारे वज़न को घटाने में मददगार साबित होते हैं।

एलोवरा के सेवन से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। एलोवरा से कोशिकाओं में नाइट्रिक ऑक्साइड और साइटोकिन्स का उत्पादन बढ़ जाता है। इससे हमारा शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।

लैक्सटिव पाए जाने के कारण एलोवेरा जूस पाचन तंत्र के बहुत लाभकारी है। एक शोध के अनुसार एलोवेरा जूस हमारे पेट और आतों को डिटॉक्स करता है।

एलोवेरा में सैक्राइडस पाया जाता है जिस कारण हमारे दिमाग को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

एलोवेरा में काफी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है। ये एंटी-ऑक्सीडेंट सूजन को कम करने में मदद करते हैं। एलोवेरा का जूस पीने से शरीर की सूजन में कमी आती है।

हड्डियों की कमजोरी के कारण लोगों को जोड़ों में दर्द या गठिया की समस्या भी हो सकती है। एलोवेरा जोड़ों के दर्द में काफ़ी फायदेमंद होता है। एक अध्ययन के मुताबिक़, एलोवेरा ऑस्टियोआर्थराइटिस (osteoarthritis) के इलाज में बेहद कारगर है।

शरीर में जमने वाला एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल ही मोटापे की मुख्य वजह है। एलोवेरा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल की परेशानी से राहत मिलती है।

भारतीय लैब में चूहे पर किए गए एक्सपेरिमेंट से पता चला है कि एलोवेरा दिल की समस्याओं, खासकर डॉक्सोरूबिसिन (Doxorubicin) के साइड इफैक्ट से हमें बचने में मदद करता है।

कब्ज़ होने पर अगर एलोवेरा का जूस लिया जाए, तो इसके जबरदस्त फायदे मिलते देखे गए हैं। लेकिन एलोवेरा जूस का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन कई बार नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।