बरसात के मौसम में पाचन तंत्र कैसे ठीक रखें

बारिश के मौसम में तमाम तरह के बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से ग्रो करते हैं।

इसी वजह से ये खाद्य पदार्थों को आसानी से संक्रमित कर देते हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही बरतने से आप भी कई तरह की डाइजेशन संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।

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गैस्ट्रोएंट्राइटिस या आंत्रशोथ आमतौर पर बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण से होता है। इसके कारण पेट की अंदरूनी परत में जलन होती है और वो सूज जाती है।

बरसात में पाचक एंजाइमों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित होती है, इससे भी खाना ठीक प्रकार से नहीं पचता।

डायरिया एक खाद्य और जलजनित रोग है। ये दूषित खाद्य पदार्थों और जल के सेवन से होता है। वैसे तो ये किसी को कभी भी हो सकता है, लेकिन बरसात में इनके मामले काफी बढ़ जाते हैं।

फूड प्वॉयजनिंग तब होती है, जब हम ऐसे भोजन का सेवन करते हैं, जो बैक्टीरिया, वायरस, दूसरे रोगाणुओं या विषैले तत्वों से संक्रमित होता है।

इनसे कैसे बचा जा सकता है,  बरसात के मौसम में पाचन तंत्र कैसे ठीक रखें

ठंडे और कच्चे भोजन की बजाए गर्म भोजन जैसे सूप, पका हुआ खाना खाएं।

बारिश के मौसम में मांस, मछली और मीट खाने से फूड प्वॉयजनिंग की आशंका बढ़ जाती है।

ओवर ईटिंग (भूख से अधिक खाना) से बचें और तभी खाएं जब आप भूखा महसूस करें।